रविवार, 1 नवंबर 2015

गधे की मजबूरी

मैं आज़ाद भारत का गधा हूँ
जो देश सिस्टम  से बंधा हूं
वो लादते जातें हैं
मैं ढोता  जाता हूँ
भारत का नागरिक हूँ
बस  रोता जाता हूँ
 मैं आजाद भारत का एक गधा हूँ
जो देश के सिस्टम से बंधा हूँ
आजाद परिंदों को
भी आसमा में लड़ा देते  हैं
बड़े हुनरबाज हैं
सताकर फिर मना लेते  हैं
मैं आजाद भारत का गधा हूँ
जो देश के सिस्टम से बंधा हूँ